बाबा का ढाबा ।। 2020 का सबसे बड़ा स्कैम ।। इंसानियत गिरा दी एक बुजुर्ग ने [paid promoted video]

 बाबा का ढाबा 

Photo having kanta prasad and gaurav wasan

(बुजुर्ग व्यक्ति का नाम कांता प्रसाद)

(वह मदद करने वाले फूड ब्लॉगर का नाम गौरव वासन)

अगर आप यह पढ़ रहे हैं तो यह संभव नहीं है कि आपने यह नाम सुना नहीं होगा । अपनी रोज की जिंदगी से परेशान एक 85 साल का बुजुर्ग जोकि एक ठेला लगाकर अपनी पत्नी के साथ पूरे दिन में सिर्फ मुश्किल से 150 से लेकर ₹200 कमाने वाला अगर रातो रात लखपति हो जाए तो पहली सोचने की बात यह है कि - हो कैसे गया और दूसरी की जब उस पर इतनी मोहब्बत , इतना प्यार , इतनी मदद लोगों द्वारा की गई तो उसको उन सारी चीजों को किस तरह से लेना चाहिए था ।

बाबा के ढाबा की शुरुआत

दिल्ली में सड़क किनारे एक बुजुर्ग रोज की तरह एक ठेले पर चावल रोटी और पनीर की सब्जी बनाकर उसे बेचने के लिए खड़ा था बगल में ही उसकी धर्मपत्नी भी विराजमान थी । उतने में ही एक कैमरामैन और एक माइक शर्ट पर लगाए हुए एक व्यक्ति उसके पास आता है । आया हुआ व्यक्ति एक फूड ब्लॉगर था जो कि यूट्यूब पर अपने द्वारा सड़क किनारे खड़े लोगों की मदद करते वक्त बनाई गई वीडियो को अपलोड करके पैसा कमाता था तथा उस पैसे को दोबारा उन्हें सड़क किनारे गरीब लोगों पर खर्च कर दिया करता था ।

बाबा का ढाबा कांता प्रसाद
स्रोत : गूगल 


उसी नियत के साथ वह व्यक्ति उस ठेले के पास आया उसने कैमरे में वह सारी चीजें रिकॉर्ड करी और लोगों से गुहार करी की जो भी यह वीडियो देख रहा है वह इस ठेले वाले की मदद करें यह बुजुर्ग दंपति पूरे दिन मेहनत करके मात्र ₹200 से लेकर ₹250 कमा पाते हैं , जो कि पर्याप्त नहीं है ।

लोगो का बाबा के ढाबा पर नजरिया

उसी व्यक्ति द्वारा वीडियो को यूट्यूब पर अपलोड करने के तुरंत बाद ही लोगों द्वारा उस वीडियो पर बहुत सारा रिस्पांस दिया गया । लोगों ने बहुत बड़ी मात्रा में आगे आकर मदद करने को कहा । कई नेताओं ने भी अपने ट्वीट में उस बुजुर्ग आदमी को स्थान दिया । कई लोगों ने जब यह वायरल हो रही कहानी को देखा सुना तो वह अगले दिन या अगले कुछ दिनों में जरूर एक बार उस बुजुर्ग के ढाबे पर गए । उन्होंने वहां खाना भी खाया तथा सेल्फी जरूर खिंचाई । 

Responce of people on baba ka dhaba


देखते ही देखते लोगों ने उस बुजुर्ग के ढाबे पर बहुत प्यार दिखाया पहले पूरे दिन में ना खत्म होने वाला खाना , ना बिक पाने वाला खाना अब बनने के चंद मिनटों में ही सारा खत्म हो जाता था। कई और युटुब चैनल्स ने मेंस्ट्रीम मीडिया ने फेसबुक , इंस्टाग्राम , टि्वटर ने इस बुजुर्ग के ढाबे को वायरल कराने में बहुत मदद करें तथा सड़क किनारे ठेला लगाने वाला बुजुर्ग कुछ ही दिनों में एक ब्रांड बन कर बाहर आ गया । 

गौरव वासन इंस्टाग्राम लाइव

इस सारी मदद का श्रेय जब उस शुरुआती व्यक्ति को दिया जाने लगा तो वह व्यक्ति भी खुलकर लोगों के सामने आने लगा । उसने अपने इंस्टाग्राम पर लाइव आकर लोगों से ढाबे के लिए डोनेट करने को कहा । लोगों ने अपने पुण्य कर्मों की सूची को लंबा करने के लिए दान करना शुरू कर दिया उस व्यक्ति के कहे शब्दों के हिसाब से तकरीबन ₹2000000 उस समय तक डोनेट हो चुके थे ।

बाबा का ढाबा घोटाला

तकरीबन एक डेढ़ दिन बाद कहीं से फिर वह ढाबा और वह बुजुर्ग व्यक्ति खबरों में आने लग जाते हैं । सारी मैनस्ट्रीम मीडिया फेसबुक , टि्वटर , इंस्टाग्राम , व्हाट्सएप फिर से उस बुजुर्ग व्यक्ति को अपना स्थान देने लग गए थे । कई ट्वीट में वह बुजुर्ग व्यक्ति फिर से आने लग गया था परंतु इस बार उसकी गरीबी उसकी लाचारी वहां पर होने की वजह नहीं थी बल्कि इस बार वजह थी स्कैम 1992 से प्रेरित होकर किया जाने वाला एक नया स्कैम जिसका नाम था स्कैम 2020 ।



उन खबरों की माने तो मदद की शुरुआत करने वाले व्यक्ति ने उस बुजुर्ग व्यक्ति के साथ धोखा किया । धोखा इस तरह से की जितनी राशि उस व्यक्ति को उन्हें देनी चाहिए थी यानी कि ₹2000000 उसने वैसा ना करते हुए सिर्फ तीन लाख दिए । इस खबर को फैलने में जरा सा भी समय नहीं लगा बल्कि शुरुआती खबर जो मदद वाली थी उसे फैलने में जो ज्यादा समय लग गया था । लोगों ने इस धोखे को स्कैम का नाम दिया जगह जगह पर उस मदद करने वाले व्यक्ति की आलोचना हुई और बहुत सारे सबूत उस व्यक्ति के खिलाफ खड़े हो गए और उनसे तकरीबन 80 90 फीसदी पता चल जाता था कि जरूर उसने कुछ ना कुछ घोटाला किया है ।

बाबा का ढाबा की पुलिस रिपोर्ट 

अभी तक सबकुछ साफ हो सीधा समझ आ रहा था कि उस बुजुर्ग आदमी के साथ धोखा हुआ है परंतु लोग उस समय ज्यादा चौक गए जब उस बुजुर्ग आदमी ने उस मदद करने वाले यूट्यूब पर के खिलाफ एक रिपोर्ट दर्ज कर दी और पुलिस में इस बात की कंप्लेंट कर दी गई । जो व्यक्ति दिन के 200 रुपए ना कमा पा रहा था उसने उस व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज कर दी जिसकी वजह से उसकी दुकान चलने लगी और रातों-रात लखपति हो गया । लोग उसके बारे में जानने लगे एक सेल्फी लेने के लिए उसके पास आने लगे उसके द्वारा बनाया हुआ खाना आधे घंटे में खत्म होने लगा था ।

 बाबा का ढाबा का बयान

अब वह गरीब बुजुर्ग व्यक्ति एक लॉयर भी रख सकता था उसके पास केस लड़ने के लिए एक सरकारी वकील भी था जो कि उसने निजी तौर पर रखा हुआ था वह अपने बयानों में यह कहता था की -

कांता प्रसाद अपने वकील के साथ


 इस घोटाले के पीछे उसकी कोई गलती नहीं है क्योंकि उसने कभी भी उस मदद करने वाले व्यक्ति से नहीं कहा कि तुम कैमरा लेकर मेरे पास आओ और मेरी वीडियो बनाओ बल्कि वह खुद हमारे पास आया था उसने हमारी वीडियो बनाई । 

बाबा का ढाबा की नाराज़गी

इस बयान के बाद लोग उस बुजुर्ग व्यक्ति के रवैया को समझ गए थे जो लोग पहले सहानुभूति के साथ बुजुर्ग के साथ खड़े थे वह लोग खिलाफ हो गए क्योंकि वह समझने लग गए थे कि सालों से गरीब व्यक्ति के पास छप्पर भर के पैसा एक रात में आ जाए तो उसका रवैया बदल जाता है । जनता समझ गई थी कि जिस व्यक्ति ने भले उसके साथ घोटाला किया है परंतु उसकी इतनी मदद करी । उसको 2000000 भले ही ना दिए लेकिन फिर भी ₹300000 दिए और वह उसी का अपमान कर रहा है ।

कांता प्रसाद की नाराज़गी


कुछ दिनों तक यह खबरें शीर्ष पर रही सभी लोग जुबान पर उस बुजुर्ग व्यक्ति का नाम रहा और उस मदद करने वाले व्यक्ति के लिए गालियां रही । लेकिन कुछ समय बाद में मामला ठंडा हो गया लोग अपना ध्यान कहीं और शिफ्ट कर चुके थे । 

बाबा का ढाबा का निष्कर्ष

इस मामले का निष्कर्ष या तो उस बुजुर्ग व्यक्ति की जीत से निकलता या वह अपना केस हार जाता । परंतु यहां यह जरूरी नहीं है केस कौन हारा कौन जीता यह तो अलग मुद्दा है परंतु एक चीज है जो यहां हार गई वह इंसानियत ।

बाबा का ढाबा का बूरा प्रभाव

जो भी लोग किसी गरीब की मदद करने के लिए किसी भी प्लेटफार्म पर पैसे डोनेट किया करते थे वे आगे यह सोचकर पीछे हटने लगे कि हो सकता है यह भी एक स्कैम है । यह भी हो सकता है जिस व्यक्ति की हम मदद कर रहे हैं उसमें गुरूर आ जाए । उसमें अपना ही घमंड आ जाए उसका रवैया बदल जाए और वह बुजुर्ग व्यक्ति के जैसा ही हो जाए । 


लोगों का सोचना बिल्कुल सही था हमारे आज की आबादी सारी चीजें अपने अगल-बगल होने वाले अनुभवों से सीखते हैं । जब हमारे अगल-बगल का समाज इस तरह का है जिस व्यक्ति की मदद की जाती है वह यह नहीं देखता कि उसे ₹300000 मिल गए हैं वह यह देखता है कि बजे 1700000 क्यों नहीं आए तो इस समाज में ऐसा ही होगा लोग किसी पर भरोसा नहीं करेंगे । किसी गरीब की मदद करने के लिए आगे नहीं आएंगे । इसलिए कभी भी जब किसी गरीब की मदद करें तो वह सोशल मीडिया पर दिखाने के लिए ना करें ऐसा ना करें कि आप कोई सेल्फी ले या कोई वीडियो बनाएं आपको दिल से सुकून मिलना चाहिए और वही काफी है ।

ऊपर लिखे गए लेख का वीडियो रूपांतरण


धन्यवाद ।

नोट** ऊपर लिखे गए लेख में कोई भी समस्या सुझाव या दिक्कत होने में हम से संपर्क करने से ना घबराए !

Post a Comment

0 Comments